Sunday, June 20, 2010

क्यों मिलते है सभी रिश्ते किसी किसी को.....




आज मै जब उठा तो मेरी मम्मी ने मुझे प्यार से उठाया और उनका वो प्रेम से मुझे नींद से जगाने का तरीका मुझे इतना अच्छा लगा की मेरा सारा का सारा दिन भी बहुत अच्छा लगा। और इसके बाद सुबह आठ बजे पापाजी का फ़ोन आया और उनसे भी मेरी प्यार भरी बाते हुई। इससे भी मेरे मन को बहुत सुकून मिला। लेकिन इसी के साथ मेरे मन में एक और सवाल उठा की क्या ये सभी रिश्ते सभी लोगो के नसीब में होते है। क्या सभी के भाग्य में मम्मी का प्यार है? क्या सभी के नसीब में पापाजी का दुलार है? और यही प्रश्न मैंने कई लोगो से पूछा और सभी का उत्तर था "ना"। यह सोचकर मुझे बड़ा दुःख हुआ। क्योकि अभी मै भी एक बच्चा ही हु सो मुझ में भी अभी इतनी समझ नहीं है। लेकिन इसके बाद मुझे कुछ मेरी पुरानी बाते याद आ गयी जिसके बाद मुझे यह समझ में आ गया की जिन लोगो को सभी रिश्ते नसीब नहीं होते वे लोग कभी न कभी तो उस रिश्ते के लिए जरुर तरसते होंगे। और एक बात तो मेरी समझ में पूरी तरह समझ आ गयी की ये रब सभी को किसी किसी रिश्ते से जुदा जरुर करता है। कुछ भाग्यशाली लोग ही होते है जिन्हें सभी रिश्तो का गिफ्ट मिलता है। मै भी उन अभाग्यशाली लोगो में से एक हु जिन्हें कुदरत ने बचपन में सभी रिश्तो का शुख नहीं दिया। अर्थात कुछ रिश्तो से मुझे भी अछूता रख दिया था लेकिन आज की तारीख में मैंने सभी रिश्तो को समझाने में कोई भूल नहीं की और फलस्वरूप आज मै सभी रिश्तो की अहमियत को जान गया हु और उन्हें पूर्ण श्रद्धा से निभा रहा हूँ । और जिंदगी को आनंद माय तरीके से जी रहा हूँ । और मै आप सभी से यही कहना चाहता हूँ की इश्वर ने जिन पवित्र रिश्तो से आपको बेदखल कर दिया है उन्हें पूरी सार्द्ध के साथ जोड़े और पूरी निस्वार्थ भावना से उन्हें निभाए और फिर देखिये की क्या कमाल होता है आपकी जिन्दगी में। आप एक बात का सर्वे करके जरुर देखना की कौन लोग अधिक सुखी है जिन्हें सभी रिश्ते बागवान से मिले है वो या फिर जिन्होंने खुद इन पवित्र रिश्तो की की नीव राखी है वो। अपने जवाब मुझे कमेन्ट के रूप में जरुर भेजिएगा.


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